लखनऊ। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने पीसीएस ,प्रारम्भिक ,परीक्षा को पर्चा लीक होने के बाद रद्द कर दिया है। आयोग के अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की है कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निर्देश पर यह परीक्षा रद्द की गयी है। मुख्यमंत्री ने आयोग के अध्यक्ष अनिल यादव तथा अन्य अधिकारियों को भी मामले पर विचार विमर्श के लिए तलब किया है। कल प्रदेश के पुलिस महानिदेशक अरविन्द कुमार जैन ने कहा था कि सुबह की पाली का पर्चा लीक होने के बाद यह परीक्षा रद्द की जा रही है।इसके बाद परीक्षा रद्द कर दी गयी है हालांकि लोक सेवा आयोग ने पर्चा लीक होने की बात से मना करते हुए कहा था कि सब कुछ सामान्य है । इस बीच प्रदेश के मुख्य सचिव आलोक रंजन ने कहा कि सच्चाई का पता लगाने के लिए जांच बैठा दी गयी है ।इस परीक्षा को देने जा रहे अभ्यर्थियों ने परीक्षा रद्द होने के बाद प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर विरोध प्रर्दशन किया और आयोग के अध्यक्ष अनिल यादव पर अनियमितताए बरतने का आरोप लगाया ।इलाहाबाद में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग का कार्यालय है और वहां पर उग्र विरोध करते हुए आयोग के अध्यक्ष को हटाने की मांग की गयी ।अभ्यर्थियों ने अध्यक्ष का पुतला जलाया और रोडवेज बसों में तोडफोड की 1 दूसरी ओर प्रदेश के विपक्षी दलों ने पूरे घटनाक्रम की सीबीआई जांच की मांग करते हुए कहा कि प्रदेश की पुलिस ऐसी बडी परीक्षा की जांच में सक्षम नहीं है ।भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस ने कहा कि यह साबित हो गया है कि प्रदेश सरकार कोई भी परीक्षा सही ढंग से कराने में सक्षम नही है ।आयोग के अध्यक्ष को हटाने की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि सपा सरकार के सत्ता में आने के बाद ऐसी परीक्षाएं विवाद में आ खडी हो रही है तथा जाति या धनबल के आधार पर नियुक्तियां की जा रहीं है1पार्टियों ने कहा कि पुलिस भर्ती घोटाले के बाद यह दूसरा और बडा गंभीर मामला है जिसने सरकार की कलई खोल दी है । उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री प्रदेश के विकास की बात करते है जबकि यहां लोग चोर दरवाजे से भर्ती किये जा रहे हैं ।इस मामले की एसटीएफ ने जांच शुरु कर दी है और अब तक तीन लोगों को हिरासत मे लिया है ।

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